वीडियो- उमा भारती का विवादित बयान, ब्यूरोक्रेसी की नहीं औकात वह सिर्फ चप्पल उठाने के काम के होते हैं

पूर्व केन्द्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री रहीं उमा भारती (Uma Bharti) ने एक विवादित बयान दिया है. उमा भारती का कहना है कि ब्यूरोक्रेसी (Bureaucracy) की कोई औकात नहीं होती. ब्यूरोक्रेसी सिर्फ चप्पल उठाने वाली होती है.उनका यह बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल है. गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में बीजेपी की ही सरकार है. ऐसे में उमा भारती ने ब्यूरोक्रेसी पर इस विवादित बयान के बाद राज्य सरकार को असहज करके रख दिया है.

उमा भारती वीडियो में यह कहती हुई सुनाई दे रही हैं- आपको क्या लगता है ब्यूरोक्रेसी नेता को घुमाती है, नहीं-नहीं अकेले में बात हो जाती है. फिर ब्यूरोक्रेसी फाइनल बनाकर लाती है. हमसे पूछो, 11 साल केन्द्र में मंत्री, फिर मुख्यमंत्री रही हूं.उन्होंने आगे कहा- ये तो हमारे साथ पहले भी रहे हैं, पहले हमारे साथ बात होती है और फिर फाइल आगे बढ़ती है. ये नेता ही घूमने देते हैं, ऐसे आपको गलतफहमी है, ब्यूरोक्रेसी कुछ नहीं होती है. चप्पल उठाने वाली होती है. हमलोग ही राजी हो जाते हैं उसके लिए, क्योंकि हमें समझाया जाता है अलग से कि आपका बहुत बड़ा चक्कर पड़ जाएगा, अगर ऐसा हो गया तो.उनका यह विवादित बयान शनिवार का बताया जा रहा. इस दिन ओबीसी महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने उमा भारती से भोपाल स्थित उनके बंगले पर मुलाकात की थी. प्रतिनिधि मंडल ने ओबीसी की जातिगत जनगणना और प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण को लेकर उमा भारती को 5 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा था.उमा भारती ने आगे कहा कि आरक्षण से कुछ हासिल नहीं होगा. जब तब प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण नहीं मिलेगा, तब तक कोई फायदा नहीं होगा. सरकारों ने जमीन तक प्राइवेट सेक्टर को सौंप दी है. अब आरक्षण के लिए प्राइवेट सेक्टर पर दबाव बनाओ. दरअसल, ओबीसी महासभा ने चेतावनी दी कि मध्य प्रदेश सरकार को उनकी मांगों पर जल्द से जल्द फैसला लेना होगा. नहीं तो बीजेपी के सांसद, विधायक और मंत्रियों का पुरजोर विरोध किया जाएगा.उनका वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस पार्टी ने आलोचना करते हुए कहा है कि ब्यूरोक्रेट्स के लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. उमा भारती को अपने शब्द वापस लेने चाहिए.

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