स्वास्थ्य मंत्री चुनाव में व्यस्त, सरकारी अस्पताल में माली ले रहा कोरोना के सैंपल!

मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण की रफ्तार भयावह हो चुकी है. कई जगहों पर रेमडिसिविर इंजेक्शन से लेकर ऑक्सीजन तक की किल्लत है. डॉक्टर-नर्स संक्रमित होते जा रहे हैं. ऐसे में आप सोच रहे होंगे स्वास्थ्य मंत्री दिन रात मेहनत कर रहे होंगे, जी कर रहे हैं … लेकिन दमोह के उपचुनाव में. उनके अपने विधानसभा क्षेत्र सांची के सरकारी अस्पताल में इतने अच्छे दिन हैं कि अस्पताल का माली कोरोना सैंपल ले रहा है, वह भी बगैर पीपीई किट पहने. जब उनसे पूछा गया तो अस्पताल में बतौर माली कार्यरत हल्केराम ने कहा ”मैं परमानेंट नहीं हूं मैं पेड़ पौधौं का काम करता हूं, सैंपल ले रहा हूं लेकिन जब सारे कर्ममारी संक्रमित हो गए तो क्या कर सकते हैं.”
       
अब सांची स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी का इलाका है, सो ट्रेनिंग देकर क्या ना करवा लिया जाए, शायद ऐसा डॉक्टर साहिबा का मानना है. ब्लॉक मेडिकल अफसर डॉ राजश्री तिडके से जब हमने इस बारे में सवाल पूछा तो उन्होंने कहा ”हमने उनको ट्रेंड कर दिया है, ट्रेनिंग के अंदर ही टेस्ट किया है. हम लोगों के आधे स्टाफ या तो उनके बच्चे पॉजिटिव आ रहे हैं… काम तो बंद नहीं करना है… ट्रेनिंग दे दी है. महीने में एक बार ऐसी दिक्कत हो जाती है, डॉक्टर वहां बैठे रहते हैं.”
    
वैसे हमें तो डॉक्टर वहां बैठे दिखे नहीं, ख़ैर… रिकॉर्ड के लिए सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटों में 5939 नए मामले आए हैं, 24 लोगों की मौत हुई है. पिछले 10 दिनों में मौत का सरकारी आंकड़ा 155 है.

भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना समीक्षा की बैठक ली. उसमें दूसरे मंत्री-अधिकारी मौजूद रहे सिवाय प्रभुराम चौधरी के. कांग्रेस काल में भी प्रभुराम चौधरी कैबिनेट मंत्री थे लेकिन अब कांग्रेस पूछ रही है कि पिछले 8 दिनों में मंत्रीजी कहां-कहां गए बता दें.
     
कांग्रेस प्रवक्ता सैय्यद जाफर ने कहा ”मैं ऐसे व्यक्ति की तलाश कर रहा हूं जो बता दे कि पिछले 8 दिनों के अंदर स्वास्थ्य मंत्री ने किसी मेडिकल कॉलेज में दौरा किया हो, समीक्षा बैठक की हो… या किसी संक्रमित को लाभ दिया हो, तो ऐसे व्यक्ति को मैं अपनी तरफ से 11001 रुपये का इनाम देना चाहता हूं.”
    
बहरहाल मंत्रीजी आ जाएं तो भी पता नहीं क्या करेंगे, जनता तो यही तस्वीरें देखने और झेलने के लिए अभिशप्त है. कहीं अस्पताल के बिस्तर में मरीज ऑक्सीजन मांग रहा है, कहीं रेमडिसिविर के लिए कतार है, कहीं खुद परिजन ऑक्सीजन ला रहे हैं.

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