”मंत्री जी, चिल्लाती रही,कोई नहीं आया और मेरे पापा की मौत हो गई”

“मंत्री जी, यहां पर डॉक्टर-डॉक्टर चिल्लाते रह गए, लेकिन कोई डॉक्टर नहीं आया. क्या कर रहे हैं सब. आधे घंटे से एंबुलेंस लेकर खड़े थे लेकिन किसी ने नहीं पूछा. चलिए यहां से. यहां तड़प-तड़प कर मरे हैं, मेरे पापा को वापस कर पाएंगे? वोट लेने के लिए सब आते हैं.”

अस्पताल के दरवाजे पर स्ट्रेचर पर पिता का शव और चीखती-रोती बेटी. बार-बार कह रही है कि इंतजार करते रहे लेकिन किसी डॉक्टर ने नहीं देखा. ये सब जब हो रहा था तब राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल में व्यवस्था की जानकारी लेने पहुंचे थे.

अब मंत्री जी कह रहे हैं कि मेरे सामने कोई मौत नहीं हुई है, घटना मेरे आने से पहले की है. और अगर कोई कमी है तो मृतक के परिजन लिखित शिकायत देंगे, हम उसपर विचार करेंगे.

क्या है पूरा मामला

दरअसल, ये मामला झारखंड (Jharkhand) की राजधानी रांची के सदर अस्पताल का है. मंगलवार को हजारीबाग के पवन गुप्ता को उनका परिवार रांची सदर अस्पताल लेकर पहुंचा था, लेकिन करीब आधे घंटे तक इंतजार करने के बाद उनका इलाज शुरू नहीं हुआ और स्ट्रेचर पर ही उनकी मौत हो गयी.परिवार का आरोप है कि पवन गुप्ता की मौत अस्पताल की बदइंतजामी की वजह से हुई है. परिजन का आरोप है कि बेड के लिए दौड़ते रहे लेकिन न बेड मिला न कोई डाक्टर आया और न ही कोई नर्स आई. परिवार ने आरोप लगाया है कि अस्पताल ने वक्त रहते इलाज शुरू नहीं किया. वहीं इस दौरान झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता (Banna Gupta) सदर अस्पताल में ही मौजूद थे और निरीक्षण कर रहे थे.जब लोगों ने मृतक की बेटी को बताया कि मंत्री बन्ना गुप्ता अस्पताल में हैं तो वो चीख-चीखकर स्वास्थ्य मंत्री को बदइंजामी की शिकायत कर रही थी.

बता दें कि रांची के अस्पतालों से लगातार बदइंतजामी की शिकायतें आ रही हैं. मंगलवार को अस्पताल का जायजा लेने स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता कोविड अस्पताल पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने पीपीइ किट पहनकर कोविड अस्पताल का निरीक्षण शुरू कर दिया.

मौत की घटना पर स्वास्थ्य मंत्री कहते हैं

“मेरे सामने कोई मौत नहीं हुई है, घटना मेरे आने से पहले की है. और अगर कोई कमी है तो मृतक के परिजन लिखित शिकायत देंगे, हम उसपर विचार करेंगे. हम सब को मिलकर इस बीमारी से लड़ना होगा. मेरी संवेदना उस परिवार के लिए है. मुझे दुख है उस परिवार के लिए.”

हालांकि अब स्वास्थ्य मंत्री ने इस मामले में रांची के सिविल सर्जन को जांच के आदेश दिए हैं. और 48 घंटे में जांच रिपोर्ट सिविल सर्जन से मांगी है.

बता दें कि अब झारखंड में भी कोरोना अपने रिकॉर्ड तोड़ रहा है. मंगलवार को 29 लोगों की कोरोना से मौत हो गई. अभी तक राज्य में कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1261 हो गई है. पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड 2844 नए कोरोना केस सामने आए हैं.

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