नागपुर | प्रतिनिधि
कलमेश्वर शहर में लगातार गहराते जलसंकट और आगामी गर्मियों में संभावित भीषण पेयजल संकट को देखते हुए जमाअत ए इस्लामी हिंद नागपुर के मीडिया प्रभारी डॉ. एम. ए. रशीद ने प्रशासन से युद्धस्तर पर ठोस एवं दीर्घकालिक कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान जलस्रोतों पर बढ़ते दबाव के कारण भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है, इसलिए अभी से प्रभावी योजना बनाकर कलमेश्वर को “जीरो वॉटर-कट सिटी” बनाने की दिशा में कार्य किया जाए।
डॉ. रशीद ने कहा कि जल संकट का असर अब कलमेश्वर ग्रामीण रुग्णालय तक पहुंच चुका है, जहां अत्यल्प मात्रा में जलापूर्ति हो रही है। उन्होंने अस्पताल में ऐसी स्थायी व्यवस्था करने की मांग की जिससे भविष्य में कभी भी पेयजल संकट उत्पन्न न हो।
डॉ. एम. ए. रशीद के प्रमुख सुझाव
1. जलाशयों से नियमित गाद निकासी
हर पांच वर्ष में ड्रेजिंग मशीन से जलाशयों की तली की गाद और मिट्टी निकाली जाए।
निकाली गई उपजाऊ मिट्टी किसानों को खाद के रूप में निःशुल्क उपलब्ध कराई जाए।
इससे जलाशयों की मृत भंडारण क्षमता में 15 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि संभव होगी।
2. प्राकृतिक गाद प्रबंधन
जलाशयों तक आने वाले जलमार्गों के दोनों किनारों पर बड़े पेड़ और बांस लगाए जाएं।
मानसून की पहली तेज बारिश के दौरान जलाशयों के निचले द्वार खोलकर गाद को बहाया जाए।
इससे बिना अतिरिक्त खर्च हर वर्ष 2 से 3 प्रतिशत गाद की सफाई हो सकेगी।
3. जलाशयों की भंडारण क्षमता बढ़ाई जाए
जलाशयों की संरचनात्मक डिजाइन का अध्ययन कर उनकी ऊंचाई 3 से 5 मीटर तक बढ़ाने की तकनीकी संभावना तलाशने की मांग।
विशेषज्ञों के अनुसार, केवल 1 मीटर ऊंचाई बढ़ने से भंडारण क्षमता में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है।
4. वाष्पीकरण रोकने के लिए फ्लोटिंग सोलर पैनल
जलाशयों की सतह पर फ्लोटिंग सोलर पैनल लगाए जाएं।
इससे लगभग 30 प्रतिशत पानी वाष्पीकरण से बचाया जा सकेगा और साथ ही स्वच्छ सौर ऊर्जा का उत्पादन भी होगा।
5. भूजल पुनर्भरण की व्यापक योजना
जलाशयों के 3 किलोमीटर के दायरे में बड़े स्तर पर रिचार्ज बोरवेल बनाए जाएं।
मानसून में अतिरिक्त पानी को जमीन में संग्रहित कर गर्मियों में पुनः उपयोग किया जाए।
6. पेयजल का प्राथमिक उपयोग सुनिश्चित किया जाए
संकट के समय निर्माण कार्यों और उद्योगों में ताजे पानी के उपयोग पर तत्काल रोक लगाई जाए।
उपचारित सीवेज जल का उपयोग उद्योग, बागवानी और निर्माण कार्यों में किया जाए, ताकि पीने योग्य पानी केवल नागरिकों के लिए सुरक्षित रहे।
7. रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य हो
सभी सरकारी भवनों, अपार्टमेंट, फैक्ट्रियों और अन्य संस्थानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग कानूनी रूप से अनिवार्य की जाए।
मस्जिदों के वजूखानों के समीप भी निरीक्षण के बाद रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए जाएं।
इससे भूजल स्तर में लगभग 30 प्रतिशत तक सुधार होने की संभावना जताई गई है।
8. टैंकर माफिया पर सख्त कार्रवाई
पेयजल की कालाबाजारी और मनमानी कीमतों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन सख्त कदम उठाए।
पेयजल की न्यूनतम एवं अधिकतम दरें निर्धारित कर आम नागरिकों को राहत दी जाए।
विशेष आर्थिक सहायता की मांग
डॉ. एम. ए. रशीद ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार से ‘अमृत 2.0’ तथा ‘जल जीवन मिशन’ जैसी योजनाओं के अंतर्गत कलमेश्वर को विशेष आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है, ताकि दीर्घकालिक जल प्रबंधन के माध्यम से शहर को “जीरो वॉटर-कट सिटी” के रूप में विकसित किया जा सके।









