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जमाअत-ए-इस्लामी हिंद महाराष्ट्र का CJP को “समर्थन”, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, SIR खत्म करने और हटाए गए पात्र मतदाताओं के नाम बहाल करने की मांग

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SIR समाप्त करने और मतदाता सूची से हटाए गए पात्र मतदाताओं के नाम बहाल करने की मांग

नागपुर। जमाअत-ए-इस्लामी हिंद (JIH) महाराष्ट्र के अध्यक्ष मौलाना इलियास ख़ान फ़लाही ने CJP के प्रति संगठन का समर्थन व्यक्त करते हुए मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), मतदाताओं के नाम हटाए जाने और चुनावी अनियमितताओं के आरोपों पर चिंता जताई है।उन्होंने जवाबदेही सुनिश्चित करने, मतदान के अधिकारों की रक्षा करने तथा चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।

इस संबंध में उन्होंने कहा:

“मतदान का अधिकार लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनभागीदारी का एक बुनियादी स्तंभ है। मतदाता सूचियों से मतदाताओं के नाम हटाए जाने और SIR प्रक्रिया के संचालन को लेकर उठ रही चिंताओं का पारदर्शी ढंग से समाधान किया जाना चाहिए। प्रत्येक पात्र मतदाता को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का अवसर मिलना चाहिए और किसी भी प्रकार की अनियमितता से संबंधित शिकायतों की उचित कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच की जानी चाहिए।”

मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग

जमाअत-ए-इस्लामी हिंद महाराष्ट्र के अध्यक्ष ने आगे कहा कि संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग करता है। साथ ही, उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की कानून के अनुसार जांच और जहां आवश्यक हो, उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।

संगठन ने यह भी मांग की है कि:

जिन पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटाए गए हैं, उन्हें बहाल किया जाए।

जारी SIR प्रक्रिया को समाप्त किया जाए।

जिन निर्वाचन क्षेत्रों में विश्वसनीय जांच के माध्यम से चुनावी अनियमितताएं साबित होती हैं, वहां दोबारा चुनाव कराए जाएं।

CAA, NRC और NPR को लेकर भी मांग

उन्होंने आगे कहा कि संगठन नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) को निरस्त करने तथा प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC), राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) और इनसे संबंधित अन्य उपायों को समाप्त करने की भी मांग करता है।

उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं का आकलन नागरिकता, समानता और मतदान के अधिकार पर पड़ने वाले इसके प्रभावों के व्यापक संदर्भ में किया जाना चाहिए।

जमाअत-ए-इस्लामी हिंद महाराष्ट्र ने चुनावी प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और उचित कानूनी प्रक्रिया के महत्व को दोहराते हुए प्रत्येक पात्र नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने की मांग की है।

यह जानकारी जमाअत-ए-इस्लामी हिंद (JIH) नागपुर के मीडिया प्रभारी डॉ. एम. ए. रशीद ने दी।