चिल्ड्रन इस्लामिक ऑर्गनाइज़ेशन के बच्चों ने सीखी हरियाली बढ़ाने की अनोखी तकनीक (सीड बॉल)

नागपुर: चिल्ड्रन इस्लामिक ऑर्गनाइज़ेशन (सीआईओ) ने जमाअत-ए-इस्लामी हिंद, नागपुर के सहयोग से जाफर नगर स्थित मरकज़े इस्लामी हॉल और मोमिनपुरा के फ़लाह ऑडिटोरियम में सीड बॉल निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला में बड़ी संख्या में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर हरियाली बढ़ाने की अनोखी तकनीक सीखी।
कार्यक्रम की शुरुआत पवित्र क़ुरआन की सूरह अनआम के पाठ से हुई। इसके बाद जेआईएच महिला विभाग की शहर अध्यक्ष बेनज़ीर ख़ान ने कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए पर्यावरण संरक्षण में बच्चों की भूमिका पर प्रकाश डाला।
मुख्य प्रशिक्षक डॉ. रियाज़ अहमद ने बच्चों को बताया कि सीड बॉल मिट्टी, केंचुआ खाद और बीज से तैयार किया जाने वाला एक छोटा गोला होता है। इसे गड्ढा खोदे बिना किसी भी उपयुक्त स्थान पर फेंका जा सकता है। बारिश होने पर यह गोला गल जाता है और उसमें मौजूद बीज अंकुरित होकर पौधे का रूप ले लेता है। कार्यशाला में अमलतास, रेनट्री, गुलमोहर, जामुन और आम सहित विभिन्न वृक्षों के बीजों से सीड बॉल तैयार किए गए।
अबुल असरार हामिद ने बताया कि सीड बॉल के माध्यम से ऐसे स्थानों पर भी पौधारोपण किया जा सकता है, जहां सीधे पहुंचना संभव नहीं होता। उन्होंने बच्चों को पर्यावरण संरक्षण और अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया।
प्रशिक्षण के बाद बच्चों को अलग-अलग समूहों में बांटकर सीड बॉल बनाने का अभ्यास कराया गया। सभी बच्चों ने पूरे उत्साह और लगन के साथ इस गतिविधि में भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान फ़लाह ऑडिटोरियम में जेआईएच सेंट्रल के अध्यक्ष जियाउर्रहमान तथा पश्चिम नागपुर में डॉ. एम. ए. रशीद ने डॉ. रियाज़ अहमद का पौधा भेंट कर सम्मान किया।
कार्यशाला को सफल बनाने में डॉ. सादिया सहर, सबा अहमद, अमरीन बाजी, शगुफ्ता अंजुम और रिफ़त वसीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। यह जानकारी जेआईएच के मीडिया सचिव डॉ. एम. ए. रशीद ने दी।









