Home Nagpur जमाअत-ए-इस्लामी हिंद नागपुर वेस्ट का पर्यावरण संरक्षण अभियान, जलवायु संकट पर चिंता...

जमाअत-ए-इस्लामी हिंद नागपुर वेस्ट का पर्यावरण संरक्षण अभियान, जलवायु संकट पर चिंता जताते हुए लिया वृक्षारोपण का संकल्प

14

नागपुर। जमाअत-ए-इस्लामी हिंद, नागपुर वेस्ट के तत्वावधान में जाफर नगर स्थित मर्कज़-ए-इस्लामी हॉल में “पर्यावरण संरक्षण” विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरणविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लेते हुए जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर गंभीर चिंतन किया तथा अधिकाधिक वृक्षारोपण का संकल्प लिया।
मुख्य अतिथि एवं “ट्री मैन ऑफ नागपुर” के नाम से प्रसिद्ध ऋतुध्वज देशपांडे (बाबा देशपांडे) ने कहा कि मानव अपनी ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन कर रहा है, जिसके दुष्परिणाम बढ़ते तापमान और पर्यावरणीय संकट के रूप में सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कभी हरियाली के लिए पहचाना जाने वाला नागपुर आज पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहा है। धरती हमें पानी, लकड़ी, लोहा और जीवन के लिए आवश्यक सभी संसाधन प्रदान करती है, इसलिए उसका संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिक से अधिक पेड़ लगाने और प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने का आह्वान किया।

 


कार्यक्रम में पर्यावरणविद् तनवीर मिर्ज़ा ने प्रस्तुतीकरण (पीपीटी) के माध्यम से जलवायु परिवर्तन के गंभीर प्रभावों को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि देश की लगभग 76 प्रतिशत आबादी पर्यावरणीय जोखिमों का सामना कर रही है, जबकि 35 प्रतिशत लोगों की आजीविका प्रभावित होने का खतरा है। कृषि क्षेत्र पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है, तापमान लगातार बढ़ रहा है और भूजल स्तर घटता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में हजारों जंगल आग की भेंट चढ़ चुके हैं तथा ग्लेशियरों के पिघलने की गति भी चिंताजनक है।

तनवीर मिर्ज़ा ने “ज़मज़म” के ऐतिहासिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए बताया कि हज़रत हाजरा ने पानी को बहने से रोकने के लिए “ज़म-ज़म” अर्थात “ठहरो-ठहरो” कहा था। उन्होंने कहा कि यदि मानव समाज पानी बचाने के इस हजारों वर्ष पुराने संदेश को समझ ले तो जल संकट की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।
जमाअत-ए-इस्लामी हिंद, नागपुर के शहर अध्यक्ष डॉ. ख़्वाजा इज़हार अहमद ने अपने संबोधन में कहा कि पवित्र क़ुरआन मानव को संतुलित जीवन, संयम और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि ईमान का तकाज़ा और सदक़ा-ए-जारिया भी है। उन्होंने जल संरक्षण, फिजूलखर्ची से बचने तथा दैनिक जीवन में प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. सादिया खान के नेतृत्व में सीआईओ के बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण पर आधारित एक प्रभावशाली नाटक प्रस्तुत किया, जिसने उपस्थित लोगों को प्रकृति बचाने का संदेश दिया। बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण की सामूहिक प्रतिज्ञा भी ली।
कार्यक्रम का शुभारंभ फ़हद सालेह द्वारा पवित्र कुरआन के पाठ से हुआ। अशरफ बेलीम ने मंच संचालन किया, जबकि स्थानीय अध्यक्ष डॉ. नुरुल अमीन ने प्रस्तावना प्रस्तुत करने के साथ आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर बाबा देशपांडे, तनवीर मिर्ज़ा, विठोले भाऊ (झाड़ वाले काका) तथा प्रभाग-10 की नगरसेविका सुनीता तभाने का शॉल, स्मृति-चिन्ह एवं पौधे भेंट कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी, बुद्धिजीवी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के उपरांत नौजवानाने जाफर नगर एवं जमाअत-ए-इस्लामी हिंद, नागपुर (वेस्ट) के संयुक्त तत्वावधान में ईदगाह ग्राउंड में वृक्षारोपण अभियान चलाया गया, जिसमें बाबा देशपांडे के हाथों पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। यह जानकारी जेआईएच मीडिया सचिव डॉ. एम. ए. रशीद ने दी।