Desi Girls’ जैसे ऐप्स के अश्लील विज्ञापनों पर कब लगेगी रोक? डिजिटल प्लेटफॉर्म पर खुलेआम परोसी जा रही फूहड़ता
खबर:
मोबाइल ऐप्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रहे “Desi Girls” और इसी तरह के अन्य वीडियो चैटिंग ऐप्स के विज्ञापन गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। इन विज्ञापनों में महिलाओं के साथ निजी, अंतरंग और आपत्तिजनक बातचीत के संकेत देकर युवाओं को आकर्षित करने का प्रयास किया जाता है। विज्ञापनों में इस्तेमाल की जा रही तस्वीरें और भाषा न केवल भ्रामक हैं, बल्कि सामाजिक मर्यादाओं पर भी प्रश्नचिह्न लगाती हैं।
डिजिटल इंडिया के दौर में जहां सरकार सुरक्षित और जिम्मेदार इंटरनेट उपयोग को बढ़ावा देने की बात करती है, वहीं ऐसे विज्ञापन खुलेआम लाखों मोबाइल उपयोगकर्ताओं तक पहुंच रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन विज्ञापनों की निगरानी कौन कर रहा है और इन्हें प्रसारित करने की अनुमति कैसे मिल रही है?
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे कई प्लेटफॉर्म यूजर्स को आकर्षित करने के लिए बड़े-बड़े दावे करते हैं, जबकि कई मामलों में लोगों के साथ आर्थिक ठगी, डेटा चोरी और ब्लैकमेलिंग जैसी घटनाएं भी सामने आती रही हैं। ऐसे में केंद्र सरकार, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और संबंधित नियामक एजेंसियों को इन ऐप्स और इनके विज्ञापनों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है, लेकिन उसके नाम पर अश्लीलता और भ्रामक प्रचार को बढ़ावा देना किसी भी तरह उचित नहीं माना जा सकता।
सोशल मीडिया पोस्ट:
📱 ‘Desi Girls’ जैसे ऐप्स के विज्ञापनों पर उठे सवाल
महिलाओं के साथ निजी और आपत्तिजनक बातचीत के दावों वाले विज्ञापन खुलेआम सोशल मीडिया और मोबाइल प्लेटफॉर्म पर चल रहे हैं। आखिर सरकार और नियामक एजेंसियां ऐसे कंटेंट पर कार्रवाई कब करेंगी?
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