नशा करने वाले अमानवीय व्यवहारों के प्रतीक बन जाते हैं – डॉ मुदस्सिर अली
जमाअ़त ए इस्लामी हिंद और मेडिकल सर्विस सोसायटी नागपुर का नशा मुक्ति अभियान

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नशा करने वाले अमानवीय व्यवहारों के प्रतीक बन जाते हैं – डॉ मुदस्सिर अली
जमाअ़त ए इस्लामी हिंद और मेडिकल सर्विस सोसायटी नागपुर का नशा मुक्ति अभियान
नागपुर – नशे से इंसान वश में नहीं होता। नशा – शरीर, परिवार , समाज के विनाश का कारण भी बनता है ।घरेलू हिंसा, झगड़े , हत्याओं और दुर्घटनाओं में अधिकतर कारण नशा होता है ।


खुशी और उत्सवों में नशीले पदार्थो का सेवन आम हो रहा है । बेरोजगारी, कम आय और कठिन परिस्थितियों में रहने के कारण बहुत से लोग नशीले पदार्थो का सेवन करने हैं। एक ओर जहां धूम्रपान और नशीले पदार्थो के सेवन से कैंसर, मधुमेह , हृदय , फेफड़े और जिगर संबंधि जटिल रोग उत्पन्न होते हैं वहीं दूसरी ओर नशा करने वालों में क्रोध , ईष्र्या , द्वेष, धोखा, झूठ, लोभ की सी भावनाएं जन्म ले लेती हैं। वे अमानवीय व्यवहारों के प्रतीक बन जाते हैं। नशा से बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है , सहनशीलता , अनुशासन समाप्त हो जाता है और व्यवसन करने वाला मानवीय सीमाओं को पार करने लगता है ।


जमाअ़त ए इस्लामी हिंद नागपुर वेस्ट के नशा मुक्ति अभियान में उपरोक्त विचारों को व्यक्त करने में मेडिकल सर्विस सोसायटी नागपुर के चिकित्सकों में अध्यक्ष डॉ नईम नियाज़ी, डॉ कशफ़ ख़ान , मुबीन शेख़, इद्रीस शेख़, डॉ मुदस्सिर अली, डॉ अदनानुल हक , सामाजिक कार्यकर्ता रियाज़ शेख़ और कबीर ख़ान आदि की विशेष भूमिकाएं रहीं। कार्यक्रम से भावुक होकर टायगर सफारी , रीवा के भोलानंद गिरी ने भी अपने विचार व्यक्त किए ।
ये कार्यक्रम अनंत नगर चौक , झींगा बाई टाकली के पुराना पुल के समीप तथा गिट्टीखदान चौक पर आयोजित किए गए थे । यूथ विंग , एसआईओ ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
नशे की लत से छुटकारा पाना पूर्णतया संभव है, इस आवाह्न पर 20 लोगों ने अपने नाम दर्ज करवा।