नागपुर: भारत के केंद्रीय बजट 2026–27 में कुल सार्वजनिक पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) को ₹12.2 लाख करोड़ तक बढ़ाकर इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग को गति देने का दावा किया गया है। लेकिन विदर्भ और नागपुर के लिए यह बजट एक बार फिर निराशा लेकर आया है।अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव नॅश नुसरत अली ने बजट को “चुनिंदा अमीरों और बड़े औद्योगिक घरानों का पक्षपाती दस्तावेज” बताते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि सरकार का विकास का दावा जमीनी हकीकत से दूर है और क्षेत्रीय असंतुलन को और गहरा करता है।उन्होंने कहा, “यह बजट विकास का भ्रम पैदा करता है। विदर्भ की पीड़ा को नजरअंदाज कर दिया गया है और MIHAN को लगभग खत्म कर दिया गया है।”सरकार ने बजट में सार्वजनिक कैपेक्स ₹12.2 लाख करोड़ करने, इंफ्रास्ट्रक्चर, फ्रेट कॉरिडोर, हाई-स्पीड रेल और टियर-2/3 शहरों पर फोकस का दावा किया है। MSME ग्रोथ फंड के लिए ₹10,000 करोड़ और सेल्फ-रिलायंट इंडिया फंड में ₹2,000 करोड़ अतिरिक्त देने की घोषणा की गई है। टूरिज्म, टेक्सटाइल, बायोफार्मा और सेमीकंडक्टर सेक्टर को बढ़ावा देने की बात कही गई है। बायोफार्मा SHAKTI मिशन के लिए ₹10,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। फिस्कल डेफिसिट 4.3% तक लाने का लक्ष्य रखा गया है।नॅश नुसरत अली ने कहा कि इन बड़े ऐलानों के बावजूद बजट में विदर्भ की समस्याओं के लिए कोई ठोस समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि MIHAN-SEZ जैसी लाखों रोजगार से जुड़ी परियोजना के लिए न नई नीति लाई गई, न कोई विशेष पैकेज दिया गया और न ही नया फंड घोषित किया गया।उन्होंने कहा कि युवाओं और शिक्षित बेरोजगारों के लिए कोई भरोसेमंद रोजगार योजना नहीं है। MSME के लिए घोषित फंड का लाभ विदर्भ जैसे क्षेत्रों तक कैसे पहुंचेगा, इसका कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं है। नागपुर जैसे तेजी से बढ़ते शहरों के लिए सस्ते आवास, परिवहन, जलापूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं और कचरा प्रबंधन पर कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया है।उन्होंने कहा कि टूरिज्म और मैन्युफैक्चरिंग पर राष्ट्रीय स्तर पर जोर दिया गया है, लेकिन विदर्भ के लिए अलग से कोई पैकेज या बड़ा विकास प्रकल्प घोषित नहीं किया गया। किसानों के मुद्दों जैसे MSP, कर्ज राहत और महंगाई नियंत्रण पर भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।नॅश नुसरत अली ने कहा, “मोदी सरकार प्रचार और आंकड़ों में उलझी है, लेकिन जमीन से जुड़ी समस्याओं को छूती तक नहीं। विदर्भ और नागपुर के लिए यह बजट एक और खोया हुआ मौका है।”नोट: बजट में टियर-2 शहरों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और टूरिज्म को लेकर सामान्य घोषणाएं हैं, जिससे नागपुर को अप्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है, लेकिन विदर्भ या MIHAN को लेकर कोई अलग और बड़ी घोषणा नहीं की गई — इसी वजह से कांग्रेस की आलोचना तेज है।









