“मैं तेरी राह तकती हूं,कब आएगा तू”,जब चंद घंटों के लिए अपनी अम्मी से मिले UAPA के तहत जेल में बंद ख़ालिद सैफी

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UAPA के तहत पिछले पांच साल से जेल में क़ैद मानवाधिकार कार्यकर्ता ख़ालिद सैफी गुरुवार (27 मार्च) को महज़ कुछ घंटों के लिए अपने परिवार से मिलने पैरोल पर घर पहुंचे थे. उनकी बेटी मरयम ने रमज़ान महीने के तहत रोज़ा रखा था. इस मौके पर ख़ालिद सैफी अपने परिवार के बीच रहे. मां-बेटे के बीच हुई बातचीत जब ख़ालिद सैफी घर पहुंचे तो उनकी अम्मी ने उन्हें गले लगा लिया. वह बहुत देर तक रोती रहीं. उन्होंने ख़ालिद सैफी से पूछा, “कब आएगा तू? मैं तुझसे मिलने भी नहीं आ पाती, तू ही वापस आ जा, मैं तेरे आने से पहले चली ना जाऊं”. ख़ालिद सैफी ने अपनी अम्मी से पूछा, “आपके नाख़ून क्यों बढ़े हुए हैं”अम्मी ने कहा, “तू ही काटता था” इसके बाद ख़ालिद सैफी ने अपनी अम्मी के नाख़ून काटे

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