आज़ाद भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आज़ाद विभाजन के थे कट्टर विरोधी, हिन्दू-मुस्लिम एकता के रहे समर्थक,नैश नुसरत अली

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Maulana Abul Kalam Azad Birthday: मौलाना अबुल कलाम आजाद का आज यौम-ए-पैदाइश है. उन्होंने अजादी की लड़ाई में अहम किरदार अदा किया साथ में हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए भी काम किया.
नागपुर : आज़ाद भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबूल कलाम आज़ाद देश विभाजन के कट्टर विरोधी और हिन्दू मुस्लिम एकता के घोर समर्थक रहे है. उन्होंने एक शिक्षा मंत्री के तौर पर शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार की रूप रेखा रखी थी. वे उदारवादी, सर्वाहितवादी, सार्वभौमिकता के प्रतिपादक थे, उनकी शिक्षा नीति उदार मानवतावादी से ओत – प्रोत थी.
शहर महिला कांग्रेस अध्यक्षा, नैश नुसरत अली ने उक्त विचार अपने अध्यक्षिय भाषण मे व्यक्त किये. वह मध्य नागपूर महिला कांग्रेस द्वारा आयोजित मौलाना आज़ाद जयंती कार्यक्रम मे बोल रही थी.


कार्यक्रम का आयोजन मध्य नागपुर की अध्यक्षा गीता जळगावकर ने किया था.
कार्यक्रम मे प्रदेश महिला महासचिव काँता पराते, कांग्रेस पार्टी के शहर महामंत्री महेश श्रीवास, ब्लॉक अध्यक्ष मोतीराम मोहाड़िकर ब्लॉक अध्यक्ष अब्दुल शकील, नसीम अन्वर, प्रकाश सालुंखे, नीता सोमकुवर, ममता बाजपेई, रोशनी निखारे, धापोडकर, मधू सोनी, नंदा अतकरे, रेखा गरोडी, भानुमती नंदनवार, त्रिवेणी नंदनवार, किरण रणदिवे, रोशनी पराते आदि मौजूद थे.