एआईएमआईएम नेता और पूर्व सांसद इम्तियाज जलील ने बीड की मस्जिद में ब्लास्ट करने वाले दो आरोपियों के खिलाफ UAPA लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर मुसलमान छोटी घटना के लिए भी जिम्मेदार होता है तो उसके घर पर बुलडोजर चलवा दिया जाता है।
छत्रपति संभाजीनगर: पूर्व सांसद और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता इम्तियाज जलील ने बीड की मस्जिद में हुए ब्लास्ट के गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ यूएपीए लगाने की मांग की है। उन्होंने सोमवार को कहा कि बीड जिले में एक मस्जिद के अंदर जिलेटिन की छड़ें रखने और विस्फोट करने के आरोप में गिरफ्तार दो लोगों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम लगाया जाना चाहिए।
मुसलमान के घर पर चल जाता बुलडोजर’
छत्रपति संभाजीनगर में ईद की नमाज के बाद पूर्व सांसद जलील ने मांग की कि दोनों आरोपियों के खिलाफ सख्त यूएपीए लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘अगर कोई मुसलमान छोटी सी घटना के लिए भी जिम्मेदार होता है तो उसके घर को बुलडोजर से गिरा दिया जाता है। लेकिन अगर हमारे धार्मिक स्थल को विस्फोटक का इस्तेमाल करके नुकसान पहुंचाया जाता है तो यूएपीए लागू नहीं होता। कानून सभी के लिए समान होना चाहिए।’’ उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। उन्होंने कहा, ‘‘हम मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई का स्वागत करते हैं। लेकिन यूएपीए लगाया जाना चाहिए।’’
बुलडोजर एक्शन पर उठाए सवाल
पूर्व सांसद जलील ने नागपुर में हिंसा के लिए गिरफ्तार किए गए आरोपियों के घर को ध्वस्त करने की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘‘अगर आरोपी ने कुछ गलत किया है, तो उसके परिवार का क्या दोष है? अब कहा जा रहा है कि घर अतिक्रमण करके बनाया गया था। क्या स्थानीय प्रशासन इतने सालों से सो रहा था?’’ बीड पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि बीड मस्जिद मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों को तीन अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
बीड की मस्जिद में ब्लास्ट
बता दें कि गुड़ी पड़वा और रमजान ईद समारोह से पहले रविवार की सुबह जियोराई तहसील के अर्ध मसला गांव में एक मस्जिद में विस्फोट हुआ था। इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन विस्फोट में ढांचे के अंदरूनी हिस्से को नुकसान पहुंचा। कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने धार्मिक ढांचे को उड़ाने की कोशिश के आरोप में विजय राम गव्हाने (22) और श्रीराम अशोक सागड़े (24) को गिरफ्तार कर लिया। (इनपुट- पीटीआई)