लड़के ने 5 बार उठक-बैठक की और रेप की सजा पूरी, बिहार के नवादा में पंचायत का हैरान कर देने वाला फैसला

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नवादा : बिहार के नवादा में पंचायत का एक फैसला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। फैसला बकायदा लोगों की भीड़ जुटाकर पंचायत में की गई है। पंचायत ने रेप के आरोपी को पुलिस के हवाले करने की जगह उसे उठक-बैठक कराकर छोड़ दिया है। फैसले के वीडियो में साफ दिख रहा है कि आरोपी पंचायत के लोगों के सामने उठक-बैठक कर रहा है। फिर उसे जाने के लिए कह दिया जाता है। घटना नवादा जिले अकबरपुर थाना क्षेत्र के कन्नौज गांव की बताई जा रही है।
बच्ची को बनाया हवस का शिकार
हुआ यूं कि पंचायत को पता चला कि एक युवक ने गांव की 6 साल की बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया है। मामला सार्वजनिक होने के बाद पंचायत ने आरोपी को तलब किया। आरोपी को पुलिस के हवाले करने की जगह पंचायत ने फैसला दिया कि सबके सामने, वो 5 बार उठक-बैठक करे। आरोपी ने उठक-बैठक कर दिया और आरोप से बरी होकर वहां से चला गया। किसी ने पंचायत के फरमान और सजा की प्रक्रिया का वीडियो बना लिया। महज 14 सेकेंड के इस वीडियो में आरोपित उठक-बैठक करते हुए देखा जा रहा है। वीडियो भेजने वाले शख्स का कहना है कि घटना बड़ी है। लेकिन जुर्म के अनुसार सजा छोटी है।

6 साल की मासूम से रेप
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार के घृणित और अमानवीय मामले को दबाना सही नहीं है। वीडियो के बारे में बताया गया है कि ये अकबरपुर प्रखंड क्षेत्र के कन्नौज गांव का है। जहां 21 नवंबर को गांव की एक 6 वर्षीय बच्ची को कुछ लालच देकर और फुसलाकर आरोपी युवक अपने मुर्गी फार्म पर ले गया। जहां उसके साथ घृणित काम किया। बाद में बच्ची ने घर पहुंचकर मामले की जानकारी परिजनों को दी। बच्ची के पिता गांव से बाहर रहते हैं। चाचा की जानकारी में बात आई तो थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात कही। इस बीच आरोपित ने अपने आका से संपर्क साधा। उसके आका कोई पूर्व मुखिया हैं। मुखिया जी ने कमान संभाली और पंचायत बैठाकर मामले को रफा दफा करा दिया।

पुलिस ने नहीं किया हस्तेक्षप
चर्चा ये है कि इस मामले में पीड़ित पक्ष पर दवाब भी बनाया गया और लेन देन का खेल हुआ। सभी को मैनेज किया गया। आरोपित शख्स कोई अरुण पंडित बताया गया है। जो मुर्गी फार्म चलाता है। इस घटना की चर्चा अकबरपुर इलाके में हो रही है। लोगों को ये बात समझ में नहीं आ रही है कि इतने बड़े घृणित कार्य को आखिर क्यों दबाया गया। लोग चाहते हैं कि वरीय अधिकारी इस मामले में दखल दें और सच को सामने लाएं। हालांकि, इस मामले की जानकारी पुलिस को अब तक नहीं है।