Nagpur : Purushottam Puttever Murder Case: अफसर बहू बनी सुपारी किलर, 300 करोड़ की प्रॉपर्टी हड़पने के लिए ससुर को मरवाया

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महत्वपूर्ण बिंदु

  • अर्चना पुट्टेवार पिछले 3 वर्षों से नगर नियोजन विभाग, गढ़चिरौली में सहायक निदेशक के रूप में कार्यरत थी।
  • इसके साथ ही अर्चना पार्लेवार चंद्रपुर जिले की प्रभारी थी और दो जिलों की प्रमुख थीं।
  • गढ़चिरौली टाउन प्लानिंग विभाग के सहायक निदेशक के रूप में अर्चना पार्लेवार का कार्यकाल विवादास्पद था।
  • अर्चना पुट्टेवार के राजनीतिक समर्थन के कारण, नागपुर के वरिष्ठ कार्यालय में अभी भी 40 मामलों की जांच की जा रही है, लेकिन कहा जा रहा है कि कार्यवाही शून्य है।
  • इस संबंध में यदि पुट्टेवार के मोबाइल की सीडीआर निकाली जाए और गहन जांच की जाए तो कई चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।

महाराष्ट्र के नागपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक सरकारी नौकरी करने वाली क्लास वन अधिकारी बहू ने अपने ही ससुर की सुपारी देकर उसकी हत्या करवा दी. इस मामले में साजिशकर्ता अर्चना पुट्टेवार और उसकी मदद करने वाला MSME (सूक्ष्म लघु और मध्य उद्यम विकास संस्थान) संचालक प्रशांत पार्लेवार भी गिरफ्तार हो गया है. पुलिस को शक है कि इस हत्या में और भी लोग शामिल थे. 

बारीकी से रची थी साजिश
दरअसल अर्चना की नजर अपने ससुर पुरुषोत्तम पुट्टेवार की 300 करोड़ की प्रॉपर्टी पर थी. अर्चना ने यह प्रॉपर्टी हड़पने के लिए यह हत्या इस तरह करवाई कि पूरा मामला एक हादसा लगे. अर्चना ने सबसे पहले अपने ड्राइवर की मदद से भाड़े के हत्यारों को काम पर लगाया. हत्यारों ने 1 लाख 76 हजार रुपये में एक पुरानी कार खरीदी. 

इसी कार से 82 साल के पुरुषोत्तम पुट्टेवार को राह चलते टक्कर मारी गई, जिसके बाद उनकी मौके पर ही मौत हो गई. ध्यान देने वाली बात यह है की बहू ने अपने ससुर को मारने के लिए एक ही महीने में 3 बार कोशिश की. आखिरकार कॉन्ट्रैक्ट किलर ने कार से टक्कर मारकर पुरषोत्तम की हत्या की.

 

पुलिस की जांच में सामने आया सच
पुरुषोत्तम को जब अस्पताल लाया गया तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. नागपुर के मानेवाड़ा में हुई इस घटना को पहले एक हादसा माना गया. पुलिस ने शुरुआत में आकस्मित मौत का मामला दर्ज किया लेकिन रिश्तेदारों को इस घटना में शक हुआ. जांच करने पर पुलिस ने पाया कि अर्चना ने ही अपने ससुर की हत्या की साजिश रची थी. पुलिस के अनुसार अर्चना भाड़े के हत्यारों के खाते में लाखों रुपये जमा कर चुकी थी. 

अर्चना महाराष्ट्र के गढ़चिरोली में टाउन प्लानिंग अफसर थी और उसने इस वारदात के लिए अपने ड्राइवर और निजी सहायक महिला की मदद ली. पुलिस अधिकारी ने बताया कि निजी सहायक की पहचान पायल नागेश्वर के रूप में हुई है, जो बयारामजी कस्बे की रहने वाली है. 

जांच में अर्चना पुत्तेवार सहित कुल छह गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. साजिश में कथित रूप से कई अन्य लोग भी शामिल हैं. पुलिस के अनुसार ये हत्या सिर्फ संपत्ति के लिए की गयी है. पुरुषोत्तम पुट्टेवार अपनी करोड़ो की संपत्ति अपनी बेटी को भी देना चाहते थे. इसको लेकर कई दिनों से उनके घर पर कलह भी हुई और आखिर में बहू ने सुपारी देकर अपने ससुर को ही रास्ते से हटा दिया.