Telangana Student Beaten : पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ टिप्पणी का आरोप, हॉस्टल के दोस्तों ने पीटा, VIDEO

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तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में छात्र को हॉस्टल में घुसकर पीटने की घटना का वीडियो सामने आया है. इसी बीजेपी नेता ने शेयर किया है. साथ ही औवेसी पर निशाना भी साधा है. एक नवंबर को कॉलेज परिसर के हॉस्टल में 15-20 लड़कों ने उसके साथ मारपीट की. उसे धक्का दिया, घूंसे-थप्पड़ मारे, कपड़े फाड़ने की भी कोशिश की.
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद की एक यूनिवर्सिटी के छात्र को पीटने का मामला तूल पकड़ रहा है. बीजेपी महासचिव(आंध्र प्रदेश) विष्णु वर्धन रेड्डी ने एक वीडियो शेयर करते हुए असदुद्दीन ओवैसी पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि मामला हैदराबाद संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है, लेकिन ओवैसी के मुंह से अभी तक एक भी शब्द नहीं निकला. पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

गौरतलब है कि आईसीएफएआई फाउंडेशन फॉर हायर एजुकेशन (IFHE) प्राइवेट डीम्ड यूनिवर्सिटी के छात्र हिमांक बंसल ने 11 नवंबर को शिकायत दर्ज कराई थी. इसमें कहा था कि एक नवंबर को कॉलेज परिसर के हॉस्टल में 15-20 लड़कों ने उसके साथ मारपीट की. उसे धक्का दिया, घूंसे-थप्पड़ मारे, कपड़े फाड़ने की कोशिश की, कैमिकल और कोई पाउडर खाने के लिए मजबूर किया. इतना ही नहीं “मरने तक मारो” के नारे लगाकर पीटा गया.

पीड़ित का कहना है कि कॉलेज के स्टूडेंट ग्रुप के बीच वीडियो और तस्वीरों को शेयर किया गया. उसने कहा कि लड़कों ने परिसर से बाहर दिखाई पड़ने पर पीटने की धमकी भी दी है. पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है.
उधर, छात्र ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन को पत्र लिखकर इस मामले में एक्शन लेने की मांग की है. उसने पत्र में अपने परिवार और खुद की जान को खतरा भी बताया है. हिमांक ने पत्र में आगे लिखा है, ‘शुरुआत में इस बात से अनजान था कि आखिर उन्होंने मेरे साथ मारपीट क्यों की? पूछने पर उन्होंने बताया कि मैंने गलती से पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कुछ विवादित टिप्पणी कर दी है. मुझे अहसास हुआ कि मैंने बीए-एलएलबी फर्स्ट इयर की छात्रा दीपाशा शर्मा से बातचीत के दौरान गलती से कुछ ऐसा कह दिया था, जो मुझे नहीं कहना चाहिए था. 
कहा कि दीपाशा ने उस बातचीत का स्क्रीनशॉट पब्लिक प्लेटफॉर्म पर वायरल कर दिया. इसके बाद ही लोग मुझे पीटने आ गए.’हिमांक ने अपने साथ हुई मारपीट के लिए छात्रा दीपाशा शर्मा को दोषी ठहराया है. उसने पत्र में कहा है कि दीपाशा को निजी बातचीत को सार्वजनिक नहीं करना चाहिए था. इससे मेरी जिंदगी खतरे में आ गई है. मुझे पीटने आए लोगों ने मेरी सहमति के बिना मेरी व्हाट्सएप चैट चेक की. मेरी गोपनीयता पर हमला किया. मैंने डर के कारण बाद में उन सभी चैट को हटा दिया कि कहीं दोबारा मुझ पर हमला न हो जाए.